लिखने वाला हर रचनाकार बुक लिखने के लिए सोचता हूँ। बुक लिखकर उसे पब्लिश कैसे कराए, इसके लिए हर रचनाकार कोशिश करता है। Traditional Book Publishing से पहले कौनसी बातें ध्यान रखनी चाहिए, यही हम इस पोस्ट में आपको बताने वाले हैं। अगर आप भी पारम्परिक तरीके से पुस्तक प्रकाशित प्रकाशित करवाने जा रहे हैं, तो इन बातों को अपने दिमाग में रखें। इससे हो सकता है आप अपने भविष्य के लिए होने वाले नुकसान से बच पाए।

How to publish a book

Traditional Book Publishing से पहले ये बातें ध्यान रखें -

1. Trusted Publisher - अगर आप trusted पब्लिशर के पास नहीं जाते हैं, तो हो सकता है आपकी पुस्तक प्रकाशित होने से पहले ही चोरी हो जाये। आप सोच रहे होंगे कि अब ये कैसे हो सकता है। मैं बताता हूं जब आप एक trusted पब्लिशर को ना चुनकर किसी froud publisher को चुन लेते हैं। इसके बाद आप जब अपनी manuscript उसे देते हैं, तो वो उसे चोरी कर सकता है। और इसके बाद आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे। क्योंकि आपकी उस manuscript में आपकी रचना एकदम नई है जिसका अधिकार अभी किसी के पास नहीं है। इसलिए बुक पब्लिश करवाने से पहले trusted publisher का चुनाव करें। trusted पब्लिशर के चुनाव के लिए हमने Youtube वीडियो में tip दी है, इस पोस्ट के बीच वो वीडियो मिल जाएगा आप जरूर देख लें।

How To Publish A Book

How To Write A Book

2. Proof Reading - अगर आप बिना proofreading किये ही किसी पब्लिशर के बाद अपना कंटेंट लेकर जाएंगे, तो हो सकता है पब्लिशर उसे reject कर दें। without proofreading वाले कंटेंट पर पुस्तक प्रकाशित करने से अक्सर पब्लिशर मना कर देते हैं। proofreading क्या है, ये link पर click कर के जरूर जान लें।

3. Royalty - कोई भी रचनाकार इसलिए भी पुस्तक प्रकाशित करवाता है कि वो कुछ रॉयल्टी कमा सके। लेकिन कई पब्लिशर ऐसे होते हैं, जो कहने के बाद भी रॉयल्टी लेखकों को नहीं देते। वो अक्सर बुक ना बिकने की बात कहके बात खत्म कर देते हैं। इसलिए पुस्तक प्रकाशित करवाने से पहले आप लिखित में जरूर ले लें।

4. Copyright Details - जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं कि पुस्तक के लिए ISBN और Copyright ये दोनों जरूरी होता है। ऐसे में कई प्रकाशक केवल ISBN देकर ये कह देते हैं कि कॉपीराइट हो गया। जबकि ISBN से Copyright का कोई सम्बंध नहीं है। इसलिए पब्लिशर से diary no. भी पूछे ताकि आप govt. की कॉपीराइट वेबसाइट पर जाकर अपने कॉपीराइट की details चेक कर पाएं।

5. Marketing Discussion - पुस्तक प्रकाशित करवाने से पहले आप पब्लिशर से पूछे कि इसकी मार्केटिंग कहाँ-कहाँ की जाएगी। क्योंकि अगर आपकी पुस्तक की मार्केटिंग नहीं होगी तो बिक नहीं पाएगी और आपका पैसा waste हो जाएगा। आप पब्लिशर के पास इसीलिए जाते हैं कि आप अच्छी मार्केटिंग करवा सके।

और अधिक जानकारी के लिए वीडियो -

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