"मेरी चाहत" हिंदी कविता | Chahat Hindi Poem


भगवान से मिला अनमोल तोहफा हो तुम,

मेरे जीवन का अटूट हिस्सा हो तुम,

मै तुम्हारे लिए भी खास होना चाहता हूं,

बिना सफर, बिना मंजिलों का एक रास्ता होना चाहता हूं।

Hindi poem

आरज़ू, हसरत, उम्मीद और शिकायत का हकदार होना चाहता हूं।

तेरी आंखों से निकलते आंसू का स्पीड ब्रेकर होना चाहता हूं।

तेरी कठिनाइयों का समाधान होना चाहता हूं,

तेरे गुस्से का शिकार होना चाहता हूं,

तू फूल, तो मैं भंवरा होना चाहता हूं।


तू बारिश तो मै बादल होना चाहता हूं।

तेरी मुस्कुराहट की वजह होना चाहता हूं,

तेरे अल्फाज, एहसास और दिल की आवाज होना चाहता हूं।

तेरी खामोशियों को महसूस करना चाहता हूं।

तू दिया, तो मै प्रकाश होना चाहता हूं।

- चंदन कुमार, भिलाई

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