ग़ज़ल उर्दू, अरबी और फारसी की एक Famous विधा है। इस पोस्ट में "ग़ज़ल में बहर का क्या मतलब है" हम ये जानेंगे। क्योंकि कई रचनाकार "What is the meaning of bahar in ghazal" ये प्रश्न बार-बार कर रहे हैं। वैसे तो Ghazal Writing पर हमने कई सारी पोस्ट स्वयं की Research से यहां पहले से पोस्ट की हुई है। लेकिन हमारा उद्देश्य आपके एक-एक प्रश्न को Answer करना भी है।

Bahar kya hai

आपने कई बार गज़लों को ग़ज़लकार के माध्यम से सुना होगा। गज़लों की खासियत ही यही है कि इसके एक-एक अल्फाज़ ज़हन में उतरते जाते हैं। इसका रसास्वादन करने के बाद हर सुनने वाले श्रोता और पाठक को उसके बारे में जानने की जिज्ञासा होने लगती है। ये प्रश्न मन में आने लगता है कि ये "ग़ज़ल आखिर क्या है", इसमें ऐसा क्या है जिससे ये इतनी सुंदर और बोलने में लयात्मक लगती है।

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जी हां, दोस्तों, ग़ज़ल में एक लय होती है जिससे उसे एक सही उतार चढ़ाव से बोला और गाया जा सकता है। अगर उसमें वो लय ना हो, तो उसका वो सौंदर्य या गुण ही समाप्त हो जाएगा। फिर जब आप उसे पढ़ेंगे, तो आपको वो रसास्वादन नहीं मिलेगा जो लय से मिलता है। ऐसी स्थिति में ये ग़ज़ल नहीं कही जाएगी बल्कि एक सामान्य रचना होगी। दरअसल ये लय ग़ज़ल में जिसकी वजह से बनती है वही कहलाती है एक "बहर"।

बहर क्या है, इसपे हम पहले से ही एक Content तैयार कर चुके हैं, आप उसे भी जरूर पढ़ें। चलिए ये तो आपने जान लिया कि बहर एक लय बनाने का काम करती है। अब आपके दिमाग में ये भी होगा कि इसका अस्तित्व कैसा होगा। ये बहर मात्राओं की कड़ियों से बनी होती है। इन कड़ियों का प्रयोग तभी किया जा सकता है जब आपको मात्रा गिनना आये। मात्रा गणना कैसे करते हैं, वैसे तो हमने इसपे content पहले पोस्ट किया है, लेकिन अभी आपको इसपे ध्यान नहीं देना है। क्योंकि यहां हम बात "ग़ज़ल में बहर का मतलब क्या है," इसपे कर रहे हैं।


ग़ज़ल का एक उदाहरण आपके सामने रखता हूँ ताकि आप बहर के अस्तित्व को थोड़ा समझ पाए। शायर निदा फ़ाज़ली साहब की एक ग़ज़ल के कुछ शे'र देखें -

जिसे देखते ही ख़ुमारी लगे,
उसे उम्र सारी हमारी लगे।


Jise Dekhte Hi Khumari Lage,

Use Umra Sari Humari Lage.


उजाला सा है उसके चारों तरफ़,
वो नाज़ुक बदन पाँव भारी लगे।


Ujala Sa Hai Uske Charo Taraf,

Wo Nazuk Badan Panv Bhari Lage.


वो ससुराल से आई है माइके,
उसे जितना देखो वो प्यारी लगे।


Wo Sasural Se Aayi Hai Mayke,

Use Jitna Dekho Wo Pyari Lage.


चलो इस तरह से सजाएँ उसे,
ये दुनिया हमारी तुम्हारी लगे।


Chalo Es Tarah Se Sajaye Use,

Ye Duniya Humari Tumhari Lage.

जब आप इस ग़ज़ल को पढ़ेंगे, तो आपको "ललाला ललाला ललाला लला" इस तरह की एक लय का अहसास होगा। इसी लय को बहर कहा जाता है। हमने आपको बताया कि मात्राओं की कड़ियाँ होती है, इसी लय को मात्राओं में भी बदल सकते हैं। लेकिन आपको मात्राओं का ज्ञान होना जरूरी होता है। जैसे -

ललाला ललाला ललाला लला
122 122 122 12

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Conclusion : Ghazal writing में आपके कई questions थे। जिसमें आज "ग़ज़ल में बहर का क्या मतलब है" इसका हमने answer किया। उम्मीद है आपको आपके question "What is the meaning of bahar in ghazal" का सटीक जवाब मिल गया होगा। जल्द ही "How To Write A Ghazal" पर हमारा एक Video Course रिलीज़ होने वाला है। इसकी जानकारी आपको जल्द दे दी जाएगी।

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