दोस्तों, Hindi Words श्रृंखला में आज का शब्द "सहसा" शब्द का अर्थ क्या है, ये जानेंगे। "सहसा" का अर्थ अचानक होता है। इस शब्द का प्रयोग "अज्ञेय (Agyeya)" ने अपनी Hindi Kavita "तुम्हीं हो क्या बन्धु वह" में किया है। अज्ञेय का Real name सच्चिदानंद हीरानंद वात्‍स्‍यायन है। चलिए, एक नज़र अज्ञेय की कविता पर डालते हैं।

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अज्ञेय की हिंदी कविता (Agyeya Poem)

तुम्हीं हो क्या बन्धु वह,
जो हृदय में मेरे चिरन्तन जागता है।

काँप क्यों सहसा गया,
मेरा सतत विद्रोह का स्वर-स्तब्ध
अन्त:करण में रुक गया व्याकुल शब्द-निर्झर।
तुम्हीं हो क्या गान,
जो अभिव्यंजना मुझ में अनुक्षण माँगता है।

तुम्हीं हो क्या बन्धु वह,
जो हृदय में मेरे चिरन्तन जागता है।

खुल गया आक्षितिज नीलाकाश मेरी चेतना का,
छा गयी सम्मोहिनी-सी झिलमिलाती मुग्ध राका,
तुम्हीं हो क्या प्लवन वह आलोक का,
जो सकल सीमा लाँघता है।

तुम्हीं हो क्या बन्धु वह,
जो हृदय में मेरे चिरन्तन जागता है।

कहीं भीतर झर चले सब छद्म युग-युग की अपरिचिति के,
एक नूतन समन्वय में घुले सब आकार संसृति के,
तुम्हारा ही रूप धुँधला क्या सदा मानस-मुकुर में भासता है,

तुम्हीं हो क्या बन्धु वह,
जो हृदय में मेरे चिरन्तन जागता है।

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Conclusion :- आज Hindi Words में हमने "सहसा" का अर्थ और इसका प्रयोग "अज्ञेय की कविता (Agyeya Poem)" को प्रस्तुत करके बताया। ऐसे ही Hindi Words Daily पढ़ने के लिए हमारी Website को visit करते रहें और Share करते रहे।

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