ग़ज़ल लेखन में दिलचस्पी रखने वाले समस्त रचनाकारों का तहदिल से स्वागत है। आज हम "ग़ज़ल में बहर का Use कैसे करें" या "How To Use Bahar In Ghazal" बताने वाले हैं। अगर आप भी "ग़ज़ल कैसे लिखें" से सम्बंधित जानकारी पाने के उद्देश्य से यहां आए हैं, तो इस पोस्ट को जरुर पूरा पढ़ें। हजारों रचनाकार ने हमारे YouTube Channel Likhna Sikhiye पर Comment किया है। उनका यही प्रश्न हर बार आता है "ग़ज़ल में बहर का use कैसे किया जाता है" ये बताया जाए। इसीलिए हमने आज इस पोस्ट को आपके लिए लिखा है ताकि Ghazal Writing में आने वाली आपकी सारी दिक्कतें दूर हो सके।

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सबसे पहले तो अगर आप ग़ज़ल लिखने की शुरुआत ज़ीरो से करना चाहते हैं, तो आप "ग़ज़ल और बहर क्या है" इस जानकारी को जरूर पढ़ लें। क्योंकि जब तक आप ये नहीं समझ लेंगे तब तक आपको मालूम नहीं होगा कि आखिर हम बात किसकी कर रहे हैं। तो चलिए अब हम हमारे मुद्दे पर आते हैं। 


दोस्तों, ग़ज़ल में मात्रा गणना यानी तक्ती'अ करने के साथ-साथ अपने भावों को उकेरना बड़ा कठिन होता है। इस बीच कई नवीन ग़ज़लकार बहर का Use करना भूल जाते हैं। जैसा कि ग़ज़ल लिखने के लिए बहर बनाई गई है और कुछ प्रचलित बहरें हैं, जिनको आधार बनाकर हमें लिखना होता है। आगे जानने के लिए नीचे दिए गए Video को देखें -

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