पद्य लेखन में रुचि रखने वाले सभी साहित्य प्रेमियों का अभिनन्दन। आज हम आपको "केवल पद्य में प्रयुक्त होने वाले 5 शब्द" यानी "5 Words Used Only In Verse Or Poetry" बताने वाले हैं। इन शब्दों के बारे में आपने शायद ही पढ़ा होगा। इस ब्लॉग में आपको बहुत ही Unique Content मिलने वाला है। अगर आप "कविता कैसे लिखें" इससे सम्बन्धित हमारे कंटेंट पढ़ रहे हैं, तो इसे भी जरूर पढ़ें।


1. कुरज - सबसे पहला शब्द है "कुरज"। ये एक ऐसा शब्द है, जो पद्य में ही प्रयोग हुआ है। सबसे पहले जान लें कि ये एक पक्षी होता है, जो जलाशय के किनारे रहता है। इसे कराँकुल, कूंज भी कहा जाता है। कुरज को हिंदी भाषा में सारस भी कहा जाता हैं।


2. खुमान - दूसरा शब्द है "खुमान"। इसका अर्थ वैसे तो दीर्घजीवी होता है। लेकिन पद्य में ये शब्द शिवाजी महाराज की एक उपाधि के लिए प्रयुक्त हुआ है। आप जब google पे इस word को search करेंगे, तो आपको कई पद्य के उदाहरण मिल जाएंगे। 


3. साँकरा - तीसरा शब्द है "साँकरा"। इसका प्रयोग भी केवल पद्य में देखने को मिलता है। इस शब्द को देशज भाषा में आपने सँकरा और साँकड़ा कहके सम्बोधित करते हुए सुना होगा। 


4. सरब - चौथा शब्द है "सरब"। दोस्तों, कई बार शब्द का अस्तित्व क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग से बदल जाते हैं। पद्य में जो शब्द प्रयोग हुआ है, उसके अर्थ के पीछे भी यही तथ्य है। सरब का अर्थ सर्व या सर्वस्व होता है। यहां आप समझ सकते हैं कि स को स ही बताया गया है जबकि र् को क्षेत्रीय भाषा के कारण र और व को ब में उच्चारित करके लिखा गया है। कई बार इस शब्द का अर्थ मृगतृष्णा और तीरंदाज़ी भी देखने को मिलता है।


5. दम - अब अंतिम पांचवां शब्द आता है "दम"। ये भी एक ऐसा शब्द है जो केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है। ये एक अरबी फारसी शब्द है। जिसका अर्थ काम करते-करते थक जाना और दम या साँस फूलने लगने से है।


Conclusion : आज के इस लेख में हमने "केवल पद्य में प्रयुक्त होने वाले 5 शब्द" यानी "5 Words Used Only In Verse Or Poetry" के बारे में बताया। हमें पूरी उम्मीद है ये 5 शब्दों की जानकारी आपको बहुत ही अलग लगी होगी। पोस्ट पसन्द आयी हो, तो अन्य साहित्य प्रेमी के साथ हमारी पोस्ट के लिंक को जरूर साझा करें। 


- प्रस्तुतकर्ता

लेखक योगेन्द्र "यश"


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