Sad Love Poem In Hindi

दिल को किसी की आस नहीं है,
आंखों में किसी की प्यास नहीं है।

ये दौर है तन्हाइयों का दौर,
खुद के सिवा कोई साथ नहीं है।

Sad love poem

अपनो ने ही मुझे बर्बाद कर दिया,
गैरों का इसमें कोई हाथ नहीं है।

सारे ग़मों को सुलाकर सो जाऊँ,
नसीब में वो सुकूँ की रात नहीं है।

गलती मेरी थी जो मैंने प्यार किया,
खैर अब किसी से शिकायत नहीं है।

कोई तुझे चाहे कोई तुझे भी प्यार करे,
'बिलगे' शायद तुझमें वो बात नहीं है।

- बिलगेसाहब

3 Comments

  1. Sir shandaar kavita likhi hai apne. 👌

    ReplyDelete
  2. Sir website par kavita ko kaise post kiya apne mai to kar hi nhi pa raha hu

    ReplyDelete

Post a comment

Previous Post Next Post