नज़्म क्या है और नज़्म कैसे लिखें | नज़्म के प्रकार

आज के इस लेखन टिप्स से सम्बंधित लेख में हम "नज़्म क्या है और नज़्म कैसे लिखें" जानने वाले हैं। अगर आप भी नज़्म से जुड़ी जानकारी समझने के साथ नज़्म के प्रकार आदि के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप लेखन टिप्स से जुड़े इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें।

What is nazm

नज़्म लेखन की एक उर्दू विधा है जिसका अर्थ हिंदी में कविता और english में poetry होता है। यदि आपको हिंदी कविता के बारे में जानकारी है, तो आपको नज़्म को समझने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। इसका कारण ये है कि जो नज़्म होती है वही उर्दू भाषा में कविता कहलाती है। बस नज़्म में उर्दू अल्फाज़ का प्रयोग ज्यादा होता है। जी हां, जिस तरह से आज कविता का रूप सिमटकर गद्य कविता में बदलता जा रहा है। ठीक उसी प्रकार नज़्म के साथ भी ऐसा होता प्रतीत हो रहा है।

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नज़्म के बारे में इंटरनेट पर बहुत कम जानकारी है। जिसे समझना आपके लिए इसलिए कठिन हो सकता है, क्योंकि ज्यादातर जानकारी उर्दू भाषा में बताई गई है। लेकिन हिंदी भाषी लोगों के लिए आज ये लेख विशेष रूप से लिखा जा रहा है और इसे पढ़ने पर आपको सबकुछ समझ आ जायेगा।

जिस प्रकार कविता छन्दबद्ध और छंदमुक्त लिखी जाती है। ठीक उसी प्रकार नज़्म भी इन दो तरीकों से लिखी जाती रही है। आप तो जानते हैं कि हिंदी में सभी पद्य रचनाएं कविता के अंतर्गत आ जाती है, चाहे वो सामान्य कविता हो या दोहा। नज़्म का दायरा भी ठीक उसी प्रकार होता है। इसमें ग़ज़ल, शायरी, क़सीदा आदि सब सम्मिलित हो जाते हैं। लेकिन यहां एक बात आपको समझ लेनी चाहिए कि पूरी नज़्म में एक ही विषय को लेकर भावना व्यक्त की जाती है। उर्दू विधाओं में आप जानते हैं कि मीटर, वज्न, बहर, काफ़िया और रदीफ़ का प्रयोग किया जाता है। लेकिन नज़्म में ऐसा भी होता है जहां इन्हें विशेष नहीं लिया जा सकता।

नज़्म वैसे तीन प्रकार से लिखी जाती रही है। इसके प्रकार के नाम इस तरह है-

1. आज़ाद नज़्म
2. पाबंद नज़्म
3. नासरी नज़्म

Types of nazm

आज़ाद नज़्म क्या है और कैसे लिखें

आज़ाद नज़्म वो नज़्म होती है, जिसमें मीटर, काफ़िया और रदीफ़ को ध्यान में रखने की आवश्यकता नहीं होती है। आप चाहे तो इनका प्रयोग भी कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप अरकान से मुक्त होकर इसका ढांचा ही बिगाड़ दें। हालांकि ये एक छंद मुक्त कविता की तरह ही प्रतीत होती है। लेकिन हमें इसे लिखने में थोड़ा कायदा रखने की जरूरत होती है, क्योंकि आज के समय में आज़ाद नज़्म में बिल्कुल कायदा ध्यान में नहीं रखा जाता है। हम चाहे तो इसे भले ही अरकान में ना लिखें। लेकिन हमें इसे बेहतर तरीके से लिखने और समझने के लिए बहर का सहारा लेना चाहिए।

पाबंद नज़्म क्या है और कैसे लिखें

पाबंद नज़्म एक ऐसी नज़्म होती है, जिसमें नियमों की पाबंदी होती है। जी हां, इस तरह की नज़्म में हमें कुछ नियमों का ध्यान रखना होता है। इस तरह की नज़्म बहर, वज्न में तो होनी ही चाहिए, साथ ही काफ़िया का प्रयोग भी होना चाहिए। देखिये, यहां एक बात समझ लीजिए रदीफ़ का होना अनिवार्य नहीं होता है। इसके बारे में हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं कि कोई रचना यदि रदीफ़ के प्रयोग से लिखी जाती है, तो उसमें काफ़िया होना अनिवार्य होता है। लेकिन ये जरूरी नहीं होता है कि काफ़िया के साथ रदीफ़ भी हो। ये नज़्म 3 से लेकर 10 मिसरों के बन्द वाली हो सकती है। इन बन्द में लिखी जाने वाली नज़्मों के अलग-अलग नाम होते हैं। लेकिन ज्यादा गहराई में जाना ठीक नहीं होगा। आपने बॉलीवुड फिल्म की कई नज़्मों में 3 मिसरों के बन्द वाली नज़्म भी सुनी होगी। वैसे हम आपको 4 मिसरों के बन्द वाली नज़्म लिखने का सुझाव देंगे।

नासरी नज़्म क्या है और कैसे लिखें

आपने कई रचनाकार को सुना होगा, जो बिना वज्न को ध्यान में रखे लिखते हैं। लेकिन फिर भी उनकी रचना में एक वज्न होता प्रतीत होता है। ऐसी नज़्म ही नासरी नज़्म कहलाती है। इसका अर्थ कहीं न कहीं गद्य कविता या english में prose poetry से सम्बंधित है। क्योंकि इस तरह की नज़्म में काफ़िया, रदीफ़ और वज्न आदि ध्यान में नहीं रखा जाता है। वैसे इस तरह की नज़्म लिखना केवल नवीन रचनाकार के लिए शुरुआती दौर के लिए ही ठीक रहता है। लेकिन केवल इसी को लिखते रहना ठीक नहीं होगा।

इस जानकारी के बाद हम आपको नज़्म लिखने के लिए एक ही सुझाव देंगे। आप ऐसी नज़्म ही लिखें, जिसमें काफ़िया, रदीफ़ और मीटर का प्रयोग किया गया हो। आप चाहे तो अरकान को आधार मानकर लिखें या आप कोई धुन पकड़कर उर्दू अल्फाज़ो का प्रयोग करते हुए लिखते जाएं। ऐसी नज़्म एक परिपक्व नज़्म होगी। यदि आप शुरुआत कर रहे हैं, तो आप नासरी नज़्म से शुरुआत करें। उसके बाद आज़ाद नज़्म और फिर पाबंद नज़्म को लिखने का प्रयास करें।

तो प्रिय रचनाकार आज हमने "नज़्म क्या है और नज़्म कैसे लिखें" ये जाना है। साथ ही हमने नज़्म के प्रकार के बारे में भी जाना। हमने इसमें नज़्म लिखने के लिए आपको जो सुझाव दिए हैं, उम्मीद है आप उन पर गौर जरूर करेंगे। यदि और भी लेखन से जुड़े लेख पढ़ना चाहते हैं, तो "कैसे लिखें" पर जाकर पढ़ सकते हैं।

- लेखक योगेन्द्र जीनगर "यश" 

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