दिए गए छायाचित्र 4 पर लिखी गई श्रेष्ठ रचना

मेहन्दी सिर्फ रचाई नहीं,
मोहब्बत भी जताई नहीं।

फिर भी पिया से प्यार किया,
हमने कभी ना इन्कार किया।

Kavita mehandi

जिससे जोड़ा हमने नाता,
सुन सबका मैं साथ निभाता।

बस परमेश्वर माना नहीं,
अभी उनको हमने जाना नहीं।

सखी पहले स्वप्न लगती थी,
आशा की एक किरण जगती थी।

- Aatish Nikose

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