Rakshabandhan poem in hindi 2019

हमारी हर नादानी सहती है,
छोटी हो या बडी समझदारी की बाते करती है,
हँसती है तो जल्दी रूठती है,
बहन तो बहन होती है।

रक्षाबंधन पर हमे रक्षा धागा बांधती है,
पर भाई से ज्यादा तो बहन रक्षा करती है,
माँ के डांट से तो पापा के मार से बचाती है,
बहन तो बहन होती है।

Rakshabandhan poem in hindi

खुद का बाद में पहले भाई का सोचती है,
खुद चॉकलेट खाया तो एक याद से घर लाती है,
जब घर रहती तो दील को बहुत भाती है,
बहन तो बहन होती है।

हमेशा बहन एक दोस्त बन के रहती है,
अबे पागल है क्या वह भी तो कहती है,
हमारी नादानी ख़ामोशी से सहती है,
वक़्त आने पर काली माँ बनती है,
पर थोड़ा मनाते मानती है,
आखिर बहन तो बहन होती है।

मेरी शादी होने केे बाद तेरा क्या होगी कहती है,
यूँ चिढ़ाने केे बाद याद में वह खुद रोती है,
हमेशा बाकि लड़कियों से हमें दुर रखती है,
बहन तो बहन होती है।

बहन के याद में क्या लिखूं,
तेरे से सिखने को बहुत है और क्या सीखू,
मेरे हर ख़ुशी में इतना तू खोती है,
मेरी प्यारी छोटी बड़ी दीदी,
बहन तो बहन होती है।

- रचनाकार हरीश

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