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Thursday, 10 January 2019

मेरी दादी माँ : कविता

मेरी दादी माँ 

कहा गई मेरी दादी माँ
बहुत दुःखी होता हु मेरी दादी माँ 
बहुत याद आती है मेरी दादी माँ 

कभी कोई कुछ कहते तो नाराज हो जाती मेरी दादी माँ 
बहुत गुसा हो जाती मेरी दादी माँ
कभी कोई हसकर कहते तो राजी हो जाती मेरी दादी माँ 
होल तबारे मे चार पाई पर सोती मेरी दादी माँ 
चार पाई पर बिछा सोडीया ओड रजाई सोती मेरी दादी माँ


सुबह उठ कर कहती मेरी दादी माँ 
लाओ चाय मेरी दादी माँ 

ले लाठी टेक जमीन पर पूरे गांव मे गुमती मेरी दादी माँ 
सखी सहलियौ से कहती मेरी दादी माँ
कया लाये कया ले जाओगे कहती मेरी दादी माँ 

दिन मे चगापो खेलती मेरी दादी माँ 
श्याम को कहती मेरी दादी माँ 
नही आया कैलाश मेरी दादी माँ 

वार त्योहार होली दीपावली 
हाथ जोडते मेरी दादी माँ 

कहा गई मेरी दादी माँ 
बहुत दुःखी होता हु मेरी दादी माँ 
बहुत याद आती है मेरी दादी माँ 

कालू राम जाट

2 comments:

  1. hello sir

    please ese nomber per call kajiye 9368592803 8859760656

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    1. Sir muje bhi kavita likhni h kese likhu es link par our kese prakashit hogi ye

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