विश्व साक्षरता दिवस - world literacy day

नमस्ते दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है हमारे आज के इस लेख में जिसमें हम विश्व साक्षरता पर बात करेंगे। आपसे निवेदन है कि इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें, क्योंकि हर व्यक्ति को ये लेख पढ़ना बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

किसी एक देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में निरक्षरता गंभीर समस्या है। किसी भी देश में कुछ भी चल रहा हो उससे दूसरा देश भी प्रभावित होता है। ये समस्या लगभग हर देश में है। निरक्षरता से कई बड़े-बड़े अपराध तो बढ़ ही रहे हैं साथ ही लोगों में जागरूकता की कमी हो रही है।

saksharta diwas

लोगों को जागरूक करने और उनमें अपने अधिकारों आदि के लिए समझ पैदा करने के लिए साक्षरता बहुत अनिवार्य है। ये केवल राष्ट्र ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए अनिवार्य है। निरक्षरता की समस्या में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित है। इसका कारण यही है कि बेटियों के लिए यही धारणा होती है कि बड़ी होने के बाद इसे पराए घर जाना है, तो इस धारणा से कहीं लोग बेटियों को पढ़ाई से वंचित रख देते हैं।

बढ़ती जनसंख्या से लेकर बालविवाह आदि अपराध की भी ज्यादातर निरक्षरता के कारण ही हो रहे हैं। निरक्षरता से कई लड़के कुसंगति की ओर जा रहे हैं जिससे बाल अपराध में काफी बढ़ोतरी हो रही है। इतना ही नहीं अपहरण के मामले के साथ-साथ बलात्कार जैसे अपराध भी काफी बढ़ने लगे हैं।
कहने का अर्थ यही है शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा इंसान की सोच विकसित हो सकती है और इतनी विकसित हो सकती है कि उसे सही और गलत में फर्क पता चल सकता है।

साक्षरता से फायदा ये भी है कि इंसान अपनी सोच को अच्छा समझने लगता है और वो खुद उसे एक सकारात्मक वातावरण में ढ़ाल देता है।
साक्षरता दिवस जो कि संपूर्ण विश्व भर में मनाया जाता है, इसके लिए मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि हम सभी को ये प्रण ले लेना है कि हम साक्षरता दिवस से ही कुछ ऐसी शुरूआत करेंगे कि हम कई लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने का काम कर सके। इतना ही नहीं मैं उन सभी संस्थाओं या व्यक्तियों का आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो निःस्वार्थ भाव से लोगों को साक्षर करने का काम कर रहे हैं।

- लेखक योगेन्द्र जीनगर ‘‘यश‘‘

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