हिंदी पखवारे पर आधारित स्वरचित

भाषाओं की भाषा हिंदी है
अधिकारों की भाषा हिंदी है

हर वर्ण में वर्ण माला का
द्वार पाठ शाला का
हृदय प्रेम झलाकने का
हर बात को समझाने का


सारों का सार है हिंदी
अपना अधिकार है हिंदी
है भाषाओं की भाषा हिंदी
हर गली में पलती हिंदी
कूँचों में खिलती हिंदी

त्योहारों में बसती हिंदी
अवसर में आती हिंदी
है ज्ञान की भाषा हिंदी
सम्मान की भाषा हिंदी

प्रेम प्रीत श्रृंगार की भाषा हिंदी
अपमान में आगे आन खड़ी हिंदी
सबको गले लगा कर
खुद आगे आकर

हिन्दुस्तान बनी हिंदी
अपना उपनाम बनी हिंदी
हर भाषा की गोद लिया
ममता और स्नेह दिया

माँ का दूजा रूप है हिंदी
वागेस्वरी का स्वर है हिंदी
सुरसरी का एक गान है हिंदी
देवों का स्वर बाण है हिंदी
शब्दों की खान है हिंदी
है ज्ञान की भाषा हिंदी
अधिकार की भाषा हिंदी

- नेहा शुक्ला

1 Comments

  1. हमारी रचना में हमारा चित्र क्यों नही प्रेषित किया गया

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