दोस्ती पर एक छोटी रचना-

दोस्त वही घर के पास है, 
ये रिश्ता मेरे लिए खास है,

सचे याराे संग सब भुलता हूँ
मै बचपन आँखे बंद कर झुलता हूँ

Friend shayari

दोस्त मेरे मुझे पागल कहते
"सच" है वो मुझे सहते

दोस्तों की यादो मे रिश्ता सच्चा
ये धागा नहीं है कच्चा

कुछ भी हो मेै नहीं रुठता
सच्चा दोस्त मेरा छुठता

- Aatish Nikose

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