बेटी की विदाई

जब बिटिया बड़ी हो गई
कुछ पता नहीं चला
जब बिटिया की सगाई हो गई
कुछ पता नहीं चला
जब आया समय नजदीक
विदाई का

Beti ki vidayi

मन में एक डर का पता चला
हर मां बाप के मन में
होता है यही डर
कैसा होगा वो अंगना
जिसमें बिटिया रहेगी
विदाई बाद
कहते हैं बिटिया को
ले जाने से पहले
कुछ नहीं चाहिए हमको
बस दे दो बिटिया तुम्हारी
यही कहते हैं सबको
धीरे-धीरे बढ़ती है फरमाइशे

Vidai kavita

जब पूरी नहीं होती
तब बिटिया को सुनना पड़ता है ताना
क्या दिया है तुझे
बिटिया रहती है दुःखी

क्योंकि नहीं मिलता है उसे
कुछ पियर से
आज सब कहते हैं
बदलो इस सोच को
लेकिन बदल कोई नहीं पाता
बदल गई सोच तो
बिटिया रहेगी सुखी
नहीं तो ऐसे ही तड़पेगी बिटिया
और रहेगी दुःखी।

- Miss YRC

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