दोस्तों चारभुजा, गढ़बोर, राजसमंद, राजस्थान जो प्रभू श्री चारभुजा नाथ की धरती है। जो मेवाड़ की प्रसिद्ध धाम में से एक है, वहां पर मुझे काव्यपाठ करने का अवसर मिला जो मेरी काव्ययात्रा का एक अद्भुत यादगार क्षण है। आप मेरे इस वीररस से ओतप्रोत काव्यपाठ को जरूर सुने और अपने दिल में शहीदों के प्रति सम्मान की भावना को बरकरार रखें। साथ ही अपने देश के लिए कुछ करने की भावना हमेशा जगाए रखें पेश है मेरा काव्यपाठ-


2 Comments

  1. कया मैं अपनी कविता आपको भेज सकता हूं

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  2. मैं तो हिन्दुस्तान बनूँ, फिर तू क्यों पाकिस्तान बने!
    Got goosebumps just by listening to the heart-touching patriotic poetry.

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