वेलकम दोस्तों लेखन की इस क्लास ‘‘लिखना सीखिए‘‘ में आपका बहुत-बहुत स्वागत करता हूं। आशा करता हूूं आप हमारी दी हुई जानकारियों को फाॅलो कर रहे होंगे। कई दोस्तों के कई सारे विषय आ रहे हैं जिन पर उनको जानकारी चाहिए। उन्हीं में से आज एक विषय पर हम बात करने वाले हैं कि शायरी और कविताओं के लिए विषय कहां से लाएं।

कई दोस्तों ने कमेंट करके पूछा है कि सर हम जब भी लिखने की कोशिश करते हैं हमें थाॅट नहीं मिल पाता। तो उम्मीद करता हूं आज आपकी इस समस्या का भी समाधान हो ही जाएगा। सबसे पहले तो दोस्तों आपको रचनाएं लिखने के लिए विषय खोजना नहीं पड़ता। शायद आप नहीं जानते एक बात आपको बता देता हूं कई रचनाकार सही मायने में रचना को लिखते समय थाॅट नहीं सोचते फिर भी वो बहुत अच्छी रचनाएं लिख लेते हैं। इसकी वजह ये है कि उनके पास रचनाएं लिखने का सही तरीका है जिसके कारण उन्हें रचनाओं को लिखने के लिए थाॅट सोचने में समय नहीं गवाना पड़ता। अब वो तरकीब क्या है ये मैं आपको जरूर बताना चाहुंगा ताकि आप जितना समय विषय सोचने में गवाते हैं उतने में आप एक अच्छी रचना लिख पाए।

वो तरकीब ये है दोस्तों जैसे एक दफा मैं अपनी वाइफ से बात कर रहा था। उस दौरान मैंने एक बात कह दी तो देखिए उसी बात से किस तरह मुझे थाॅट मिल गया और मुझे सोचना भी नहीं पड़ा। जब मैंने किसी विषय पर बात की थी तो आगे से मुझे ये जवाब आया कि आप तो बात भी गहराई में जाकर कहते हो, तो मैंने बात ही बात में कह दिया मैं कवि हूं ना तो मुझे कविता में बात करना अच्छा लगता है। अब आप सोेचेंगे इसमें भला कविता का विषय कैसे मिल गया तो आपको बताना चाहुंगा जो बात मैंने कही कि मैं कवि हूं ना तो मुझे कविता में बात करना अच्छा लगता है, तो देखिए मुझे कविता के लिए विषय सोचना नहीं पड़ा और मैंने उसी पंक्ति से किस तरह कविता लिख दी है, उस कविता का कुछ अंश इस प्रकार है-

इज्जतदार है साहब इज्जत से पेश आता है,
और बातें तो देखो इसकी कितनी खरी सुनाता है,
देखकर रवैया मेरा कहते हैं कितना सच्चा लगता है,
कवि हूं ना साहब कविता में बात करना अच्छा लगता है...

तो दोस्तों आपने अच्छी तरह समझ लिया होगा कि एक रचनाकार किस तरह अपनी आम बोलचाल से ही विषय निकालकर रचनाएं लिख लेता है। आपके मन में ये भी प्रश्न होगा कि ऐसी स्थितियां कौनसी रोज घटती है, यही सोच रहे हो ना आप, मत सोचिए पूरे दिन भर में की गई बातों पर फोकस करेंगे ना तो बहुत से विषयों पर बहुत कुछ लिख सकते हो। देखिएगा जैसे आपके सामने ही मैं आपसे बात करते-करते कैसे विषय उठाता हूं। अभी हाल ही में मैंने आपको एक बात बोली थी कि ऐसी स्थितियां कौनसी रोज घटती है, तो फोकस कीजिए ये ही हमारा विषय है। इसपे भी लिखना चाहे तो बहुत कुछ लिख सकते है।

तो दोस्तों उम्मीद करता हूं अब आपको रचनाओं के लिए थाॅट ढूंढने में परेशानी नहीं होगी और आप मनोरंजन के साथ थाॅट ढूंढते-ढूंढते लेखन करते रहेंगे। यदि आप ये जानकारी और लेखन से जुड़ी कई जानकारियां विडियो के माध्यम से समझना चाहते हैं तो हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर हमारे विडियोज जरूर देंखे। साथ ही हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके हमारे लेखन के इस मंच के सदस्य जरूर बने।
धन्यवाद।



-लेखक/कवि योगेन्द्र जीनगर ‘‘यश‘‘,राजसमंद,राजस्थान

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