वेलकम दोस्तों मैं हूं योगेन्द्र और आप सभी का स्वागत करता हूं मैं नवोदित रचानाकारों के इस महामंच पर। इस बात से मुझे बेहद खुशी है कि हमारा उद्देश्य सफल होने की दिशा में है। हमारे इस मंच से रोजाना कई नवोदित रचनाकार जुड़ते जा रहे हैं और उनकी समस्याएं भी सामने आ रही है। दोस्तों समस्याएं भी इतनी आ रही है कि हमारे चैनल पर विडियो बनाने के कई विषयों की सूची तैयार हो चूकी है।

इसके साथ ही मैं आप सभी रचनाकारों की इस लेखन के प्रति लग्न को नमन करता हूं कि आप सभी बहुत अच्छा प्रयास कर रहे हैं। एक बात हमेशा याद रखें यदि आप सोचते हैं कि आप एक ही बार में बेहतरीन कविता लिख देंगे तो ऐसा सोचना गलत है क्योंकि आपका निरंतर प्रयास करना ही आपको शुद्ध लेखन की ओर लेकर जाएगा। आप जितनी गलतियां करके सीखेंगे आपकी कविता दिन-दिन बेहतर होती जाएगी। कोई भी रचनाकार एक बार में ही लिखना नहीं सीख जाता, उसे भी प्रयास करने के बाद सफलता मिलती है, तो आपको इस उम्मीद के साथ रोज लिखते रहना है कि आप लेखन से जल्द ही कोई अच्छी रचना बनने वाली है। 

यकीन मानिएं आप इस मंच को जितना आगे लेकर जाएंगे हम उतनी ही सहायक जानकारियां आपके लिए लेेकर आएंगे, जो आपको किसी भी लेखन के मंच से नहीं मिलेगी। हम आपके लिए एक वेबसाइट भी तैयार कर रहे हैं जहां आपको अपनी रचनाएं प्रकाशित करने का भी पूरा अवसर मिलेगा। ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि आप ही के द्वारा हमारे इस मंच की पहचान बन रही है और इसी पहचान के द्वारा हम आपके लेखन को भी पहचान दिलाना चाहेंगे।

चलिए आज के टाॅपिक कि ओर चलते हैं। आज का हमारा टाॅपिक है कि रचनाओं के लेखन में हम लिंग संबंधी त्रुटियों को कैसे दूर करें? मैंने आप सभी की रचनाएं देखी है और उनमें मैंने कई रचनाओं में लिंग संबंधी त्रुटि देखी है, जिसमें आप स्त्रीलिंग शब्द को पुल्लिंग शब्द का संबोधन देते हुए रचना कर देते हैं जो पाठको को बोरियत का अनुभव कराती है। कई रचनाकारों से ये गलती इसलिए होती है क्योंकि कई बार लेखन को हमारी आम बोलचाल भी प्रभावित करती है। जैसे उदाहरण के लिए यदि मैं इस वाक्य ‘‘आपसे हर बार गलती होती है‘‘ को यूं कहूं  ‘‘आपसे हर बार गलती होता है‘‘ तो आप खुद देखिए सुनने में कितना अजीब लगता है। 

आपको जिस प्रकार ये वाक्य अजीब लग रहा है वैसे ही हमारी रचनाएं भी इस त्रुटि से अजीब लगने लगती है। ऐसा सिर्फ इसलिए होता है कि हम शब्दों के लिंग को समझने में गलती कर देते हैं।


अब देखिए इससे उभरा कैसे जाए?
आपको ये गलती सुधारने के लिए स्त्रीलिंग और पुल्लिंग शब्दों की पहचान करना आना जरूरी है। अब आप सरलता से इन शब्दों की पहचान कैसे करेंगे? आप कोई भी पंक्ति लिखने से पहले उस पंक्ति में लिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करके देखिए।
उदाहरण के लिए-

जैसे आप एक पंक्ति लिख रहे हैं ‘‘उसने थाली मेरी ओर बढ़ायी‘‘ अब कई रचनाकार इसमें त्रुटि करके इसे ‘‘उसने थाली मेरी ओर बढ़ाया‘‘ लिख दें तो इसमें लिंग संबंधी त्रुटि हो जाती है। आपको इस पंक्ति के शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करने होगा जैसे आप कभी भी घर पर मां से खाने के लिए थाली मांगते हैं तो क्या कहते हैं ‘‘मां मुझे उस बड़ी या छोटी वाली थाली में भोजन परोसना‘‘, आप ऐसे नहीं कहते कि मां मुझे उस बड़ा या छोटा वाला थाली में भोजन परोसना। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि थाली स्त्रीलिंग शब्द है, इसीलिए हम बड़ी या छोटी थाली कहके बात करते हैं।

आपको इस त्रुटि को दूर करने के लिए शब्दों को प्रयोग करने से पहले वाक्यों में प्रयोग करके देखना होगा ताकि आप ये गलती दुबारा ना करें। तो दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको ये समझ आ गया होगा कि आप रचनाओं को लिखते समय कहां पर गलती कर देते हैं। यदि आपको ये जानकारी विडियो के माध्यम से जाननी हो, तो हमारे चैनल पर जाकर हमारे विडियोज़ जरूर देंखे। साथ ही हमारे चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें और हमारे सदस्य बने क्योंकि ये निःशुल्क होता है।



धन्यवाद

-लेखक योगेन्द्र जीनगर ‘‘यश‘‘,राजसमंद,राजस्थान

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