एक स्वाभाविक सोच ‘‘शायर,कवि कैसे बने‘‘ 

दोस्तों सबसे पहले लेखन के इस मंच ‘‘कैसे लिखें‘‘ में आप सभी का स्वागत करता हूं। आज के इस दौर में शायरी के प्रति दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। चाहे कोई भी अवसर हो लाखों व्यूवर्स इंटरनेट के इस महाजाल पर शायरियां ही खोजते रहते हैं। एक तरफ व्यूवर्स के मन में ये प्रश्न भी देखा है कि काश... मैं भी शायरी लिख पाता! ऐसे में कई व्यूवर्स जिनकी लेखन के प्रति लग्न है वो हताश होकर बैठ जाते हैं क्योंकि उनके पास ना तो जानकारियां है और ना ही ऐसा कोई जानकार व्यक्ति जो उन्हें इसके लेखन की जानकारी दे सके।

दोस्तों ऐसा कहते हुए कई जनों को सुना है कि मुझे भी शायर,कवि या लेखक बनना है, तो यहां पर एक ही बात में अपने अनुभव से कहना चाहुंगा कि ऐसा कहना स्वाभाविक है लेकिन ये सब बनने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि शायर,कवि हर इंसान में पहले से छुपा होता है। हर इंसान में एक कवि और शायर होता है क्योंकि इनका संबंध भावनाओं से होता है। हम सभी में भावनाएं हैं,हम सभी को अपनी भावनाओं बोलके सामान्य बोलचाल में बतानी होती है और हम सभी अपनी कई भावनाओं को सामान्य बोलचाल में इन्हें व्यक्त भी करते हैं लेकिन कई बार ये सोचते हैं कि काश... इन भावनाओं को कागज पर शब्दों में लिखकर बताई जाए तो दोस्तों यही एक कविता और शायरी का रूप बन जाती है। 

ये जानकर आप स्वयं समझ गए होंगे कि कवि और शायर क्या होता है ये तो हमारे स्वयं के अंदर पहले से मौजूद होता है, बस जरूरत होती है तो इसे बाहर निकालने की। इसके लिए हमारे पास जो भी जानकारियां होगी, उन्हें हम आपके साथ बांटना चाहेंगे ताकि आप भी अपने अंदर छुपे शायर और कवि को बाहर ला सकें। हम जल्द ही हमारे इस ब्लाॅग पर कई सारी जानकारियां लेकर आने वाले हैं जिस पर आपको लेखन के बारें में सम्पूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी। 

यदि आप पढ़कर नहीं बल्कि विडियो के माध्यम से समझना चाहते हैं तो आइए हमारे यूट्यूब चैनल ‘‘लिखना सीखिये‘‘ पर आपका स्वागत है, दिए गए लिंक से हमारे यूट्यूब चैनल पर पहुंचें और चैनल सब्सक्राइब करके चैनल के सदस्य बनें



-लेखक योगेन्द्र जीनगर ‘‘यश‘‘,राजसमंद,राजस्थान

1 Comments

  1. Koi btayga not as jock or for likes and comments balki is liye ki kisi ka sapna pura ho sake

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