Breaking

Monday, 1 October 2018

Gandhiji biography poem in hindi

Gandhiji biography poem in hindi

राष्ट्र पिता के नाम से हैं वो जाने जाते,
लोगो द्वारा प्यार से हैं बापू कहलाते।

दो अक्टूबर 1869 में पोरबंदर में जन्मे,
लोग उन्हे अहिंसा के हैं पुजारी बतलाते।

Gandhi ji kavita

नाम पिता करमचन्द गाँधी और माता का था पुतली बाई,
साढ़े तेरह वर्ष की आयु में कस्तूरबा से थी विव्ह रचाई।

प्रारंभिक शिक्षा देश में, उच्च शिक्षा थी विदेश में पाई,
देश प्रेम की भावना  उनमें थी कूट कूट कर समाई।

तन पर खादी का कपड़ा और हाथो में थी लाठी जिनके,
"सादा जीवन उच्च विचार" एेसे थे सुविचार उनके।

देशी वस्तु का उपयोग विदेशी का बहिष्कार करो,
सबको यह उपदेश देते अपने देश से प्यार करो।

अहिंसा के पथ पर चलकर अाज़ादी का नारा लगाते,
देश प्रेम की भावना देशवासियों के दिल मे जगाते।

आज़ादी के खातिर वो अंग्रेजो से टकराए थे,
मातृभूमि के खातिर अपना लहू भी बहाए थे।

तोपो और बारूदो से भी उनके कदम ना लड़खड़ाए थे,
उनका यह साहस देख अंग्रेज बहुत घबराए थे।

भारत छोड़ो अान्दोलन से लेकर डाँडी की यात्रा तक,
हिंसा का विरोध किया और अहिंसा को अपनाएँ थे

इसलिए देशवासियो दूारा वो बापू कहलाए थे
इसलिए देशवासियो दूारा वो बापू कहलाए थे।

- Mohd irfan

No comments:

Post a Comment