Breaking

Tuesday, 4 September 2018

Teachers day poem in hindi

Teachers day poem in hindi

बिन माँ के दुनिया अधूरी है।
पिता के बिन पहचान ना पूरी है।

पर एक नाता ऐसा भी है ।
जो भक्त भगवान के जैसा ही है।
चरण पखारु मैं जिनके।
स्नेह कठोर प्रतिबिंब है उनके।

Teachers day poem

असत्य मार्ग पर हरदम टोका।
मन को मेरे ज्ञान से सींचा।
भगवान बिन भक्त अधुरा है।
अभी  ज्ञान ना मेरा पूरा है।

अगर हो गए अरमान मेरे सब पुरे,
फिर भी गुरु बिन मेरा सम्मान अधुरा है...
मेरा सम्मान अधुरा है।

- रिकुं कुमार जैसवारा

No comments:

Post a Comment