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Friday, 28 September 2018

तुम्हारे गीत को

तुम्हारे गीत को अभी गुनगुना रहा हूँ मैं
तुमने की जो गुस्ताख़ी उसे निभा रहा हूं मैं

Geet ga raha hun

ये तेरा दिल का तराना मेरे लबो पे आया है
जो तुमसे गुजरा अरमान उसे बढ़ा रहा हूँ मैं
ये चाहत की कश्ती ये हसरतो का नज़ारा
ये सावन की मस्ती ये अरमानो का फ़साना
ये तेरा रूठना मनाना ये मेरा दिल दीवाना
तुम्हारी मोहब्बत को दिल से लगा रहा हूं मैं
तुम्हारे गीत को अभी गुनगुना रहा हूँ मैं

समाँ का आना जाना छोड़ो ये बहाना
दिल से यूँ तुम न जाना लौट कर फिर बहारों में आना
यादों की बारात ये सावन की डोली
तुम आ जाओ ये ख्वाहिश की हमजोली
मिले तेरा ठिकाना दिल में आ जाना
भूल न जाना करके कोई बहाना
तेरी हसरत को अभी सभी को दिखा रहा हूँ मैं
तुम्हारे गीत को अभी गुनगुना रहा हूँ मैं

खुशियों की ये लड़ी यादों से है भरी
आँखों का ये इशारा प्यार का बने सहारा
दिल मे उतर जाए ऐसा है कोई नज़ारा
दिल पर पत्थर रखकर अभी दिल को छिपा रहा हूँ मैं
तुम्हारे गीत को अभी गुनगुना रहा हूँ 

- पंकज देवांगन

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